April 9, 2020
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Johari Bazaar, Jaipur

10 ऐसे अनोंखे बाज़ार जो भारत में लगते हैं

  • by Team TSD
  • March 1, 2020

भारत इस देश और इस शब्द में कहीं न कहीं शुरू से ही ‘अनोखा’ और ‘अद्भुत’ जैसे शब्द जुडें हुए हैं, जो देश में अक्सर किसी न किसी हिस्से में दिखाई देते रहते हैं।

और अगर हम आपसे पूछें कि देश में या इसके जिस हिस्से में भी आप रह रहें हैं, वहां की सबसे अनोखी चीज़ क्या है? तो शायद बहुत से लोगों का जवाब होगा, ‘बाज़ार’ या ‘मार्केट’।

जी हाँ! वही बाज़ार जहाँ हमारे रोजमर्रा से जुड़ी जरूरतों की चीज़ें मिलती है। और सबसे खास यह है कि हम कितना भी ऑनलाइन शॉपिंग की ओर रुझान क्यों न करें, इन बाज़ारों की लत हमसें आने वाले कई दशकों तक तो नहीं ही जाने वाली।

और जाए भी क्यों, भला ‘बाज़ार’ ही तो  ऐसी जगह होती है जहाँ जाकर ही हम अपनी जरूरतों और चल रहे ट्रेंड से रूबरू होते हैं। जो हमेशा की तरह आज भी ‘पानीपुरी के स्वाद’ से लेकर ‘समोसों और इमरतियों’ की खुशबु के बहाने ही सही, हमें अपनी ओर खींच ही लेता है। लेकिन ये माहौल देश के लगभग सभी पारंपरिक बाज़ारों में देखने को मिल जाता है।

पर आपको बता दें भारत में सिर्फ़ इतने ही बाज़ार के रंग नहीं है। दरसल देश के कई हिस्सों में ऐसी बाज़ार भी सजती है, जो प्रोडक्ट्स, माहौल और कई अनकहें नियमों के साथ सालों से लगती ही नहीं बल्कि तमाम लोगों को अपनी ओर खींचती भी आ रही है। तो आइये जानते हैं देश में लगने वाली टॉप 10 ऐसी ही बाज़ारों के बारे में;

1. मजनू का टिल्ला, नई दिल्ली (Majnu ka Tilla, New Delhi)

Majnu ka Tilla, New Delhi

शुरुआत राजधानी की एक दिलचस्प बाज़ार से, जिसको पूरा दिल्ली मजनू का टिल्ला नाम से जानता है। नार्थ दिल्ली की तिब्बती कॉलोनी में लगने वाली ये बाज़ार दिल्ली यूनिवर्सिटी यानी DU के छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय है। यहाँ आपको ‘Free Tibet’ जैसे नारों से प्रिंट टी-शर्ट, तिब्बती देवी-देवताओं की मूर्तियाँ, तिब्बती पेंडेंट, CDs, DVDs और पोस्टर बिकते नज़र आयेंगें। यह मार्केट इन सामानों के उचित और सस्ते दामों के चलते भी काफ़ी नाम कमा सकी है।

1960 में ही यहाँ तिब्बती समुदाय के कई लोग आकर बस गये थे। आप यहाँ कई दुकानों से बौद्ध प्रार्थना और दलाई लामा के उपदेश सुन सकते हैं। यहां आपको चीनी हस्तशिल्प, चीनी वॉल हैंगिंग, पेंटिंग और ज्वैलरी के साथ ही साथ स्मृति चिन्ह इत्यादि भी मिल जायेंगें और शायद यही वजह है कि टूरिस्ट (पर्यटक) भी इस जगह में काफ़ी दिलचस्पी दिखाते हैं।

वैसे इन सबके साथ ही साथ यहाँ के कई रेस्टोरेंट अपने ‘मोमोज़’ के लिए भी काफी फेमस हैं। साथ ही यहाँ आपको Gyuma(याक या भेड़ के खून के साथ आटा या चावल के आते में सना Sausages) भी मिलेगा, जो तिब्बती इलाकें का एक बेहद मशहूर व्यंजन है।

2. चोर बाज़ार, मुंबई (Chor Bazaar, Mumbai)

Chor Bazaar, Mumbai

अगर आप ग्रामोफोन से लेकर अपने पुराने टाइपराइटर को ठीक करवाने या ऐसी चीज़ों को ख़रीदने की ख़वाहिश रखते हैं, तो आपके लिए यह सबसे बेस्ट जगहों में से एक है। कहतें हैं ये देश के कुछ सबसे पुराने बाज़ारों में से एक है। इसके नाम की कहानी कुछ ऐसी है कि पहले तो इसको शोर बाजार के नाम से जाना जाता था, लेकिन ब्रिटिश लोग जब इसका नाम बोलते थे तो उनके मुँह से अक्सर ‘शोर’ की जगत ‘चोर’ निकलता सुनाई देता, फ़िर क्या था धीरे-धीरे सब इसको चोर बाज़ार के नाम से ही जानने लगे।

लेकिन ये सिर्फ़ नाम से ही चोर बाज़ार नहीं है, दरसल यहाँ कानूनी, अवैध, पेटेंट, गैर-पेटेंट, टूटी हुई, मरम्मत की हुई और कभी-कभी तो आपका ही कोई चोरी हुआ सामान बिकता नज़र आ जाएगा। और अगर आप सेकंड हैंड से लेकर पुराने दौर की कुछ चीज़ों या मास्टरपीस की तालश में हैं, तो आपको देश के इस बाज़ार में एक बार जरुर आना चाहिए। आप न चाहतें हुए भी यहाँ से कुछ न कुछ तो घर जरुर ले जायेंगें।

3. ज़ोहरी बाज़ार, जयपुर (Johari Bazaar, Jaipur)

Johari Bazaar, Jaipur

जयपुर शहर को भला कौन नहीं जानता, देश से लेकर विदेशी सैलानियों को भी यह शहर काफी आकर्षित करता रहा है। और ऐसे में यहाँ की बाज़ार का दिलचस्प होना तो बनता है, और इस शहर में ऐसी ही एक जगह है ‘ज़ोहरी बाजार’, जो परंपरागत तौर पर शहर का शॉपिंग सेंटर रहा है।

जी हाँ! चार सौ से अधिक दुकानों के साथ यह अभी भी बीते दौर की तस्वीरों को कुरेद सा देता है। यह देश में ही नहीं बल्कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर हीरे-जवाहरात या कहें तो रत्नों का व्यापार करने वाली, इनकी कटाई और सेटिंग से लेकर कुंदन की ज्वैलरी तक के लिए एक नामी बाज़ार है, जहाँ आपको पुश्तों से इसी काम को करते चले आ रहें कारीगर और दुकान के मालिक मिल जायेंगें। ये जगह दुनिया के टॉप डिजाइनरों को भी अपनी ओर खींचती रही है, और इसकी गलियों में आज भी पुराने दौरों की बारीकियों का ज्ञान देखने को मिल जाता है।

लेकिन इसका मलतब ये बिल्कुल नहीं है कि यहाँ की दुकानों में आपको सिर्फ़ पारंपरिक राजस्थानी ज्वैलरी या सामान ही मिलेगा, बल्कि यहाँ के स्टोर्स में आपको ‘ट्रेंडिंग’ डिज़ाइन के भी सामान और ज्वैलरी बहुत ही आसानी से मिल जाती है। वैसे यहाँ की दुकानों में खास काफी कुछ है, जैसे फुटवियर,रेशम, मखमल और कपास की प्रसिद्ध जयपुर रजाई, कॉस्ट्यूम, ज्वैलरी, बड़े पैमाने पर पारंपरिक कपड़े और साड़ी, संगमरमर की मूर्तियां और पेंटिंग आदि। वैसे आपको बता दें यहाँ के LMB café की महशूर लस्सी का स्वाद चखे बिना आपकी इन गलियों की यात्रा अधूरी जरुर हो सकती है।

4. सोनेपुर मवेशी मेला, बिहार (Sonepur Cattle Fair, Bihar)

Sonepur Cattle Fair, Bihar

एक ऐसी जगह जहाँ गंगा और गंडक नदियों का संगम होता है, वहां हर साल नवंबर के महीनें आयोजित यह मेला एशिया के सबसे बड़े मवेशी मेलों में से एक है, और यह पूरे एक महीने तक चलता है।

दरसल कहतें हैं चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने शासनकाल के दौरान गंगा पार से हाथियों और मवेशियों को खरीद कर इस परंपरा की शुरुआत की थी। उस दौर में मध्य एशिया से भी दूर के पर्यटक यहां व्यापार करने आते थे। आज ये मेला जहाँ सभी तरह के जानवर जैसे कुत्ते, भैंस, गधे, घोड़े और यहां तक ​​कि पक्षियों और मुर्गे आदि के व्यापार के लिए जाना जाता है, वहीँ इसमें सबसे आकर्षण का केंद्र रहता है इसका हाथी बाजार है, जहां हाथियों को सजा कर बिक्री के लिए तैयार किया जाता है।

5. इंगो की शनिवार रात्रि बाज़ार, अर्पोरा गोवा (Ingo’s Saturday Night Bazaar, Arpora, Goa)

Ingo’s Saturday Night Bazaar, Arpora, Goa

दुनिया के सबसे लोकप्रिय रात्रि बाज़ारों में से एक, गोवा का इंगो बाजार उद्यमिता की एक अनोखी कहानी कहता है। दरसाल इस शॉपिंग और एंटरटेनमेंट सेंटर की शुरुआत 1999 में विदेशियों के लिए बीयर्स और कुछ लाइव म्यूज़िक की पेशकश के साथ की गई थी, लेकिन बाद में इंगो नामक एक जर्मन द्वारा यहाँ दुकान बनाने की शुरुआत के बाद चीज़ें बदलती चली गई और देखते ही देखते यह आज जैसा नज़र आने लगा।

आपको यहाँ तिब्बती से इटली और कई बार मेक्सिकन लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट के साथ ही साथ तरह तरह के खाने की चीज़ें, ज्वैलरी, बीच-वियर, हैंडीक्राफ्ट, मसाले, टैटू और पियर्सिंग आर्टिस्ट भी मिल जायेंगे। यह बाजार स्थानीय और विदेशी व्यापारियों को समान रूप से आकर्षित करता है और यहां आप दुकानदारों से मोलभाव कर कीमतें तय कर सकतें हैं। वैसे तो यह बाज़ार काफी खुला खुला सा ही है, और आमतौर पर यहाँ डांस और म्यूजिक पार्टी भी आयोजित होती रहती हैं।

6. कन्नौज बाजार, उत्तर प्रदेश (Kannauj Markets, Uttar Pradesh)

Kannauj Markets, Uttar Pradesh

गंगा के किनारे पर स्थित कन्नौज एक पुराना और पारंपरिक ‘इत्र’ शहर है, जी हाँ! इत्र शहर, दरसल हर्ष वर्धन साम्राज्य की राजधानी के रूप में जाना जाने वाला यह प्राचीन शहर इत्र और चंदन की भट्टियों के लिए मशहूर है यहाँ आपको करीब 600 से अधिक तरीकों का भारतीय इत्र मिल जाएगा।

इसके विजय मार्केट की गलियों में घूमते हुए आपकी नाक सुगंधित तेलों, धूप, ताजे बने गुलाब जल और काफ़ी अच्छी क्वालिटी वाले इत्रों की सुगंध से भर जाएगी।

7. इमा केथेल, मणिपुर (Ima Keithel, Manipur)

Ima Keithel, Manipur

इसके नाम का मलतब होता है, ‘माँ का बाज़ार’ जहाँ सभी धर्मों की महिलाएं इस बाज़ार में सामान बेचने आती हैं। आपको बता दें यह बाज़ार दुनिया में पूरी तरह से महिलाओं द्वारा संचालित बाज़ारों में से एक है।

लगभग 3000 महिलाएं कई तरह के खाने-पीने की सामग्री, हस्तशिल्प और अन्य घरेलू सामानों को बेचने के लिए लाइन से बैठी रहती हैं। दरसल यह जगह काफी समय पहले ही महिला सशक्तीकरण का उदाहरण बन गई थी। इस अनोखे बाज़ार को जन्म ब्रिटिश ताकतों की आर्थिक नीतियों के खिलाफ लड़ने वाली नूफी लाल ने 1939 में दिया था।

आज मणिपुर की राजधानी इम्फाल के ख्वारम्बंद बाज़ार में कंक्रीट ईमारत के नीचे लगने वाले इस बाज़ार में आपको अन्य सामानों के साथ ही साथ मणिपुर की पारंपरिक पोशाकें भी बिकती नज़र आतीं हैं।

8. जॉनबिल मेला, असम (Jonbeel Mela, Assam)

Jonbeel Mela, Assam

तीन दिनों के इस जॉनबिल मेले को भारत के कुछ “सबसे दुर्लभ त्योहारों” में से एक क़रार दिया गया है, जिसमें कार्बी, खासी, तिवा और जयंतिया आदिवासी समुदाय, असम के स्थानीय गैर-आदिवासियों के साथ माल, कृषि उत्पादों और अन्य खाद्य उत्पादों का आदान-प्रदान करने के लिए पहाड़ियों से नीचे आते हैं। लेकिन इसको जो एक बात सबसे खास बनाती है वह यह कि आज भी यह बाज़ार विनिमय प्रणाली (Barter System) या कहें तो ‘सामान के बदले सामान’ पर चलता है।

और शायद यह भारत का एकलौता बाज़ार है जो आज भी Barter System पर चलता है। आपको बता दें यह बाज़ार असम माघ बिहू अवधि (जिसको मकर संक्रांति के नाम से भी जानते हैं) के अंत में लगता है। हाल ही में, असम सरकार ने यूनेस्को से इसे एक विरासत उत्सव के रूप में मान्यता देने की अपील भी की थी।

9. न्यू मार्केट, कोलकाता (New Market, Kolkata)

New Market, Kolkata

कोलकाता में खरीदारी करनी हो और न्यू मार्केट का जिक्र ना आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। दो बार भीषण आग और अक्सर बाढ़ से बचते बचाते भी यह बाज़ार आजतक कोलकाता का सबसे बड़ा शॉपिंग हब बना गया है। आज ‘न्यू मार्केट’ असल में पूरे लिंडसे स्ट्रीट शॉपिंग क्षेत्र को ही कहा जाता है, जो 1874 में बसा और करीब 1930 के दशक में इसका अंतिम विस्तार हुआ था।

दरसल इसको शुरू में एक ब्रिटिश स्मारक के रूप में बनाया गया था। आज इस मार्केट में शायद ही कुछ ऐसा हो जो आपको ना मिल सके कोलकाता की पारंपरिक साड़ी की दुकानों से लेकर फूलों और क्रॉकरी से लेकर क्रिस्टल स्टोर तक आपको यहाँ ऐसी भी चीज़ें चारों ओर दिखाई देंगें।

10. फ्लोटिंग मार्केट कश्मीर (Floating Market, Kashmir)

Floating-Vegetable-Market-in-Dal-Lake

यह भारत का एकलौता और दुनिया का दूसरा फ्लोटिंग मार्केट है। आपको बता दें दुनिया में ऐसा ही एक अस्थायी बाजार वियतनाम में मेकांग डेल्टा के बैकवाटर में लगता है।

खैर! भारत में डल झील पर लगने वाला यह फ्लोटिंग मार्केट भी कम से कम दो शताब्दियों पुराना है, लेकिन 1960 में इसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया, जब एक जापानी फोटोग्राफर ने यहाँ की फ़ोटो को एक पर्यटक गाइड में पब्लिश करवाया। इस बाज़ार में आपको शिकारों (नाव) में सबसे ताज़ी सब्जियाँ बिकते नज़र आयेंगी। स्थानीय लोग कहतें हैं कि शिकारों में बिकने वाले फलों और सब्जियों की खेती डल झील के किनारे की जाती है और बाजार में बिक्री के समय से 2 घंटे पहले ही इनको तोड़ा जाता है। यह बाज़ार हर दिन 5-7 बजे के बीच लगता है।

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