रियल एस्टेट क्षेत्र में ‘ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी’ के जरिये धोखाधड़ी पर लग सकती है लगाम

  • by Staff@ TSD Network
  • May 30, 2019
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ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी भले ही काफी तेजी से आज की व्यावहारिक दुनिया में अपनी जगह नहीं बना पा रही है। लेकिन हम ब्लॉकचेन तकनीकी की संभावनाओं को कम करके नहीं आंक सकतें हैं। 

और इसकी संभावनाओं की जड़ें महज़ नए और आगामी क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं हैं। बल्कि यह पारंपरिक क्षेत्रों में भी काफी व्यापक पकड़ रखने और साथ ही उस क्षेत्र से जुड़ी कई समस्याओं के निवारण में भी सक्षम है। 

आज हम इन्हीं संभवनाओं से जुड़े एक क्षेत्र के बारे में बात करेंगें, जहाँ हम ‘ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी’ की संभवनाओं को तलाशेंगें। दरसल हम बात करने जा रहें हैं ‘रियल एस्टेट’ क्षेत्र की। जी हाँ! हमेशा ही प्रसार की ओर अग्रसर इस क्षेत्र में भी आज नई तकनीकों को जगह बनाते देखा जा रहा है। बात भले ही ऑटोमेशन की हो, स्मार्ट उपकरणों की हो या खुद ब्लॉकचेन की, रियल एस्टेट में तकनीकी समागम हमेशा से ही दिलचस्प पहलु समेटे होता है। 

दरसल मुख्यतः बाजार में अपने परिचालन में पारदर्शिता और सटीकता बरतने के लिए ब्लॉकचेन तकनीक की ओर रुख दिया जा रहा है। साधारण तौर पर कहें तो डेटा को स्थायी रूप से संग्रहीत और सुरक्षित करने के लिए ब्लॉकचेन काफी उपयोगी है।

दरसल ब्लॉक के रूप में क्रिप्टोग्राफी का उपयोग कर वितरण श्रृंखला का रिकॉर्ड रखना ही ब्लॉकचेन तकनीक का मुख्य रूप है। और इसकी सबसे बड़ी ख़ासियत यह है कि यह उस जगह के लिए सबसे उपयुक्त तकनीक है, जहाँ भारी मात्रा में डेटा इत्यादि का लेनदेन होता है। 

और रियल एस्टेट बाजार में कुछ ऐसी खामियां हैं, जिन्हें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से ब्लॉकचेन के जरिये सुधारा जा सकता है, जैसे:

  • बिचौलियों की उपस्थिति पूरी प्रक्रिया को महंगा बनाती है और धोखाधड़ी की संभावना को भी बढ़ाती है।
  • दस्तावेज़ सत्यापन की कमी के कारण ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसी घटनाएं भी लगातार बढ़ रही है।
  • लेन-देन की मात्रा यहाँ काफी है, और इसके चलते इस बाजार में भ्रष्टाचार और काले धन की मात्रा भी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।

दरसल ब्लॉकचेन इन्हीं खामियों को प्रत्यक्ष तौर पर दूर करता नज़र आता है।

जैसा कि आप सब जानते हैं कि पहले रिकॉर्ड मैन्युअल रूप से बनाए और रजिस्टरों में संग्रहीत किये जाते थे। जिससे रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की संभावना, उन रजिस्टरों के चोरी होने, रिकॉर्ड को बदलने इत्यादि की संभावनाएं बनी रहती थी, और ऐसी घटनाएं होती भी थीं। 

लेकिन अब ब्लॉकचेन का उपयोग करके, लेनदेन के साथ ही साथ संपूर्ण प्रक्रिया के एक बड़े हिस्से को विकेंद्रीकृत प्रकृति के बावजूद कुशलतापूर्वक ढंग से सुरक्षित किया जा सकता है।

ब्लॉकचेन डेटा और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को ऑनलाइन संजोने ही नहीं बल्कि इन रिकॉर्ड को खोने इत्यादि से भी सुरक्षित करता है। इसके साथ ही ब्लॉकचैन में मौजूद एक अद्वितीय डिजिटल फिंगरप्रिंट (जिसे हैश के नाम से जाना जाता है) के चलते दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ को पूरी तरह से रोका जा सकता है।

क्रिप्टोग्राफ़िक हैश फ़ंक्शंस डेटा के छेड़छाड़ की संभावना को तब तक खत्म कर देता है। इसके साथ ही डेटा ट्रांसफर यानि डेटा किसी अन्य ब्लॉक में जाने की प्रक्रिया को भी रिकॉर्ड करने के साथ ही साथ टेम्पेरिंग से भी बचाता है।

इसके साथ ही “डबल खर्च” का मुद्दा भी ब्लॉकचेन द्वारा हल किया जा सकता है क्योंकि इसके इस्तेमाल के बाद किसी भी रजिस्ट्री की प्रतियां बनाने पर उसे आसानी से ट्रेस किया जा सकता है।

इन प्रत्यक्ष तरीकों के बजाए और भी कई ऐसे जरिये हैं जहाँ ब्लॉकचेन इस क्षेत्र में चीज़ों को अधिक आसन और सुरक्षित बनाते नज़र आती है।और इससे सीधे तौर पर विभिन्न धोखाधड़ी को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलती है।

आगामी लेख में ब्लॉकचेन के अन्य आयामों को भी विस्तारित रूप से समझने के लिए जुड़े रहें हमारे साथ!

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