Budweiser ने किया “किसानों के लिए ब्लॉकचेन तकनीक” पर निवेश, बिचौलियों से मिलेगी निज़ात

  • by Staff@ TSD Network
  • June 7, 2019
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दुनिया भर में ब्लॉकचेन तकनीक अब अपनी संभवनाओं के लिए जगह तलाशती नज़र आ रही है। और इसके साथ ही अब निवेशक भी इन संभवनाओं को पहचानने लगें हैं।

यह महज़ एक खोखला दावा नहीं है, बल्कि अब इसके सबूत भी नज़र आने लगे हैं। जी हाँ! दरसल Budweiser की पैरेंट कंपनी Anheuser-Busch InBev ने हाल ही में BanQu नामक एक स्टार्टअप में निवेश किया है। यह स्टार्टअप ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग कर किसानों और सप्लाई चेन की आख़िरी कड़ियों को सीधे उनका माल ख़रीदने वाली बड़ी कंपनियों से जोड़ने संबंधी समाधान प्रदान करता है। 

सप्लाई चेन की “अंतिम कड़ी” मतलब किसान और अन्य श्रमिक अक्सर बैंक खातों जैसी सुविधा के आभाव के कारण ब्रांडों, संगठनों और सरकारों से जुड़ने के लिए न चाहते हुए भी बिचौलियों पर निर्भर हो जाते हैं और जिसके कारण उन्हें उनके हक़ जितना मुनाफ़ा नहीं मिल पता है। आप खुद सोचिए 2017 में विश्व बैंक के दिए गये आंकड़ों के अनुसार करीब 1.7 बिलियन लोगों के पास बैंक जैसी कोई संगठित वित्तीय सुविधा मौजूद नहीं थी।

लेकिन एक दावे के अनुसार MTN और Airtel जैसे बैंकों और मोबाइल मनी प्रदाताओं के साथ एकीकरण करके, BanQu ने पहले ही 200,000 से अधिक व्यक्तियों को उत्पादकों से सीधे जुड़ने में मदद कर रहा है। और इस कंपनी का दावा है कि 2023 तक 100 मिलियन से अधिक किसानों और श्रमिकों को वह अपनी सेवाएं प्रदान कर रहें होंगें। 

यह इस लिहाज़ से भी एक अच्छी पहल कहीं जा सकती है क्यूंकि बड़े उद्योग करीब पिछले एक साल से इस पर ध्यान केंद्रित कर रहें हैं कि कैसे ब्लॉकचेन तकनीक के जरिये अनावश्यक बिचौलियों को दूर करके उद्यमों का पैसा भी बचाया जा सके और किसानों को उनकी उचित कीमत भी दिलाई जा सके।

दरसल यह स्टार्टअप ब्लॉकचेन तकनीक के माध्यम से किसानों के लेन-देन का एक डिजिटल बहिखाता बनाने में मदद करता है, जो उनकी एक आर्थिक पहचान (फाइनेंसियल आइडेंटिटी) के तौर पर होता है और इसे किसानों को वित्तीय सेवाओं तक सीधी पहुंच प्राप्त करने के लिहाज़ से सक्षम करता है।

और अब इसी लक्ष्य के साथ लंदन आधारित Budweiser की पैरेंट कंपनी Anheuser-Busch InBev ने BanQu नामक इस स्टार्टअप में निवेश किया है। हालाँकि निवेश की राशि का सार्वजानिक रूप से ख़ुलासा नहीं किया गया है। लेकिन उम्मीद यह है कि इस निवेश के जरिये कंपनी का लक्ष्य BanQu की पहल का दुनिया भर में प्रसार करने का है, और ख़ासकर चीन और अन्य एशियाई देशों में। 

ऐसे में कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी कि यह कंपनी भारत में भी अपनी इस तकनीक को जल्द से जल्द पेश करे। क्यूंकि भारत हर प्रकार से इस तकनीक के लिए अनुकूल है। किसानों के बीच बिचौलियों की समस्या भारत में काफी आम है और तमाम कोशिशों के बाद भी इस समस्या का अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाल सका है।

ऐसे में यह नई तकनीक किसानों और श्रमिकों के लिए किसी वरदान के कम नहीं साबित होगी। और जैसा की आज का दौर है यह भी नहीं कहा जा सकता कि शायद BanQu के भारत में आने के पहले ही कोई अन्य या भारतीय स्टार्टअप ही इस तकनीक के जरिये समाधान की कोशिशें करें।

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