जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में CAB 2019 के विरोध का पूरा सच, ख़ुद छात्रों की जुबानी?

  • by Staff@ TSD Network
  • December 14, 2019

जैसा कि हम सब जानते हैं कि देश में सरकार द्वारा Citizenship Amendment Bill (नागरिकता संशोधन विधेयक) पेश किया गया है और इसको लेकर भारत में देशभर में कई जगह विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गये हैं

और ऐसा ही विरोध देश की नामी यूनिवर्सिटी, जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) में भी देखा गया। और इसी सिलसले में The Social Digital ने JMI के कुछ छात्रों से बात भी की। इन्हीं छात्रों के द्वारा हमें यूनिवर्सिटी में हो रहे इस विरोध की कुछ तस्वीरें और विडियो भी मिलें जिनको आर्टिकल में ही नीचे आपसे शेयर भी किया गया है। 

इस दौरान यूनिवर्सिटी के ही एक छात्र, रशद खान ने हमसे बातचीत में कहा;     

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों में संसद में पेश किये गए नागरिकता संशोधन विधेयक (2019) को लेकर भारी असंतोष और नाराज़गी है। इसके चलते शुक्रवार को JAMIA Teachers Association द्वारा इसको लेकर विरोध मार्च की भी घोषणा की गई।”

“बड़ी संख्या में यूनिवर्सिटी के छात्र इस बिल के विरोध में शामिल हुए, क्यूँकि हम सबका मानना है कि यह बिल भारत के संविधान में उल्लेखित धर्मनिरपेक्षता के आधार के ही विपरीत है।” 

“लेकिन मार्च शुरू होने से पहले से जामिया के आसपास के क्षेत्र में पुलिस द्वारा बैरिकेड्स लगाकर हमें रोकने का प्रयास किया गया था। जब कुछ छात्रों ने बैरीकेड से आगे जाने की कोशिश की तो पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इस दौरान दोनों ओर से पथराव किया गया। इतना ही नहीं छात्रों को तितर-बितर करने के लिए जामिया के कैंपस के अंदर और सड़कों पर पुलिस ने आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया।”

“इस दौरान कई छात्रों को गंभीर चोटें भी आईं है। वहीँ पुलिस ने 50 छात्रों को हिरासत में भी लिया। छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी प्रकार से उचित नहीं कहा जा सकता है। छात्रों के लिया यह समय एकजुटता दिखाने और सरकार के गलत क़दमों का विरोध करने का है।” 

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