वाकई नई EV Policy के चलते हुआ है दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में सुधार?

  • by Staff@ TSD Network
  • September 15, 2019
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भारत दुनिया के दस सबसे प्रदूषित शहरों में से सात का घर है, जिसमें नई दिल्ली छठे स्थान पर है। हालाँकि दिल्ली और भारत के अन्य राज्यों में बढ़ता प्रदूषण अब जगजाहिर है। 

कई रिपोर्ट्स बताती हैं कि नई दिल्ली वाहनों और औद्योगिक उत्सर्जन, निर्माण स्थलों से धूल, और अन्य उत्तरी भारत राज्यों में फसल अवशेषों के जलने से धुएं के चलते सबसे प्रदूषित है।

हालाँकि केजरीवाल सरकार काफी समय से, विभिन्न तंत्रों के माध्यम से हवा की गुणवत्ता में सुधार करने की कोशिश कर रही है। और पेश किये गये आंकड़ों के अनुसार ऐसा लगता है कि प्रदूषण में कमी भी आई है। हालाँकि प्रदूषण इतना फ़ैल चुका है कि इतने से प्रयासों से रुका नहीं जा सकता।

और शायद इसलिए अब दीवाली के मद्देनज़र दिल्ली सरकार ने ऑड-ईवन योजना और 7 पॉइंटर प्रदूषण रोकथाम योजना को लागू किया जा रहा है

इस  योजना के तहत, निजी वाहनों को केवल वैकल्पिक दिनों में सड़कों पर अनुमति दी जाएगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उनकी लाइसेंस प्लेट एक ऑड है या ईवन है।

इस बीच सरकार ने ईंधन वाहनों के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर भी जोर दिया। जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी। साथ ही दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2018 को एक बड़ा बल भी मिलेगा।

दरसल हम आपको बता दें कि नवंबर 2018 में, राज्य सरकार ने बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों (BEVs) को अपनाने में तेजी लाने के लिए ‘द ड्रॉफ्ट दिल्ली ईवी पॉलिसी 2018’ की घोषणा की। इस नीति का लक्ष्य 2023 तक सभी वाहनों का 25% ईवी बनाना है।

नीति में आगे इलेक्ट्रिक रिक्शा, थ्री व्हीलर गुड्स कैरियर्स, ऐप-आधारित ई-ऑटो और ई-कैब के उपयोग को प्रोत्साहित किया गया है। इससे पहले मई में, दिल्ली सरकार ने विभिन्न कंपनियों से ग्राहकों को उत्पादों की डिलीवरी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए भी आग्रह किया था।

अपने 2019-20 के बजट में, सरकार ने परिवहन विभाग की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं के कार्यान्वयन में सहायता करने के लिए 1,807 करोड़ रूपये के व्यय में के साथ 100 करोड़ रूपये राज्य इलेक्ट्रिक वाहन कोष को आवंटित किये थे।  साथ ही राज्य सरकार ने राज्य विद्युत वाहन निधि के लिए पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क के फंड से 50 करोड़ रूपये भी निर्धारित किये हैं।

इसके अलावा, दिल्ली कैबिनेट ने राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर को रोकने के लिए राज्य में 1,000 लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों को तैनात करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अनुसार, दिल्ली इस फैसले के कारण इतनी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसें चलाने वाला पहला भारतीय शहर बन गया है।

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