November 13, 2019
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भारत में पिछले 6 साल में बिके सिर्फ़ 8000 इलेक्ट्रिक वाहन

  • by Ashutosh Singh
  • October 7, 2019

भारत की पहली इलेक्ट्रिक SVU की लॉन्चिंग के बाद से इसकी बिक्री में भारी कमी दर्ज की गई है। जुलाई 2019 में लॉन्च हुई Hyundai Kona उभरते इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) बाजार में कोई भी बेंचमार्क सेट नहीं कर सकी है।

जी हाँ! इलेक्ट्रिक वाहनों के देश में प्रसार के परिपेक्ष में यह एक दुखद तस्वीर सामने आई है। ब्लूमबर्ग द्वारा जारी किये गये आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह वर्षों में भारत में केवल आठ हजार इलेक्ट्रिक वाहनों को ही स्थानीय रूप से बेचा गया है।

उदाहरण के लिए 150 मिलियन कार चालकों के बाजार में, Kona केवल अगस्त 2019 तक 130 कारें ही बेच सका था। और यह तब हुआ जब Hyundai Motors ने इलेक्ट्रिक कार के दामों में 1.58 लाख रुपये तक की कटौती का ऐलान किया था।

आपको याद दिला दें कि लांच के समय इस कार की कीमत करीब 25.3 लाख रूपये के आसपास थी, जिसे बाद में घटाकर 23.71 लाख रूपये तक कर दिया गया था।

कंपनी ने एक आधिकारिक बयान में, नई दरों की घोषणा भी की थी और यह भी दावा किया कि इसने 11 शहरों में मॉडल के लिए 152 बुकिंग प्राप्त की हैं।

लेकिन ब्लूमबर्ग की इस रिपोर्ट में एक चीज़ जो सबसे खास रही वह यह कि ब्लूमबर्ग ने भारत में इलेक्ट्रिक कारों के इस ख़राब बिक्री संबंधी आंकड़ों को लेकर इसके पीछे के दो मुख्य कारणों का भी जिक्र किया है।

रिपोर्ट में सबसे पहला कारण तो यह बताया गया कि इलेक्ट्रिक कारों की लागत पेट्रोल और डीजल पर चलने वाली पारंपरिक आंतरिक दहन इंजन (ICE) की तुलना में बहुत अधिक है।

उदाहरण के लिए Hyundai Motors की इलेक्ट्रिक SUV Kona ख़रीदने के लिए करीब $35,000 तक की कीमत चुकानी पड़ती है, जबकि भारत में लोगों की प्रति व्यक्ति आय कहीं $2,000 प्रति वर्ष (लगभग 1.4 लाख रूपये) के करीब ही है।

इसके अलावा, Maruti Suzuki की CNG आधारित Alto की कीमत $4,000 (लगभग 2.8 लाख रूपये) तक है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, भारत में बेचे जाने वाले अधिकांश वाहनों की औसत कीमत लगभग $8,000 (लगभग 5.6 लाख रूपये) या उससे कम होती थी।

ब्लूमबर्ग के अध्ययन में यह भी पाया गया कि भारत 2030 तक ICE-संचालित कारों की मूल्य-समता का मुकाबला नहीं कर पाएगा।

वहीँ इस रिपोर्ट में बताए गये दूसरे कारण की बात करें वह है भारत में चार्जिंग बुनियादी ढांचे की कमी। NEF के अनुसार, भारत में 2018 में 650 चार्जिंग बुनियादी ढांचे थे, जबकि चीन में एक ही वर्ष में 4,56,000 से अधिक चार्जिंग पॉइंट स्थापित किये गये हैं।

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Serial Digital Entrepreneur | Digital Marketing Consultant | E.V. Consultant | Contact at 'amicableashutosh@gmail.com'
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