प्रयागराज: संगम स्थित बंधवा में हुआ मास्क शो “जल है तो कल है” का सफ़ल मंचन

  • by Staff@ TSD Network
  • September 11, 2019
प्रयागराज

पानी के आगामी आकाल से बचना है, तो पानी का दुरूपयोग बन कर उसको बचाना शुरू कर दीजिए। जी हाँ! यह सब आपने बहुत बार सुन कर अनसुना कर दिया होगा।

लेकिन क्या आपको कभी इन बातों का एहसास हुआ कि इनकी गंभीरता कितनी है? शायद हुआ भी हो, 2 पल के लिए, लेकिन कुछ देर बाद फ़िर से हममें वही उपेक्षा और बेफिक्री का स्वभाव वापस आ जाता है? सही कहा न?

लेकिन कुछ लोग हैं जो इसको लेकर हार नहीं मानने वाले और उन्हीं में से एक है प्रयागराज स्थित, नुक्कड़ नाट्य अभिनय संस्थान भी। यह संस्थान लगातार ही कुछ अन्य संस्थानों की मदद से निरंतर ही अपने मास्क शो इत्यादि के माध्यम से लोगों को इस दिशा में जागरूक करने का प्रयास कर रहा है।

और इसी श्रृंखला में नुक्कड़ नाट्य अभिनय संस्थान, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के साथ मिलकर लगातार शहर में एवं शहर के बाहर भी आम जनमानस को जागरूक करने हेतु कोई न कोई अभियान चलाती रहती है।

इसी श्रृंखला में इस बार इन संस्थानों ने, जनशक्ति अभियान के अंतर्गत मंगलवार, 10 सितंबर 2019 को बंधवा स्थित बड़े हनुमान जी मंदिर के गेट पर, संतोष कुमार गुप्ता द्वारा लिखित एवं देवेंद्र राजभर द्वारा निर्देशित अपने बहुचर्चित मास्क शो “जल है, तो कल है” का मंचन किया।

इस प्रस्तुति में कलाकारों ने अपने अभिनय कौशल से भविष्य में जल का स्वरूप कैसा होगा यह दिखाने की कोशिश की। उन्होंने प्रस्तुति में वाटर एटीएम लगाया और यह दिखाया है कि भविष्य में हमें पानी, वाटर एटीएम से मिलेगा। जिसमें निर्देश रहेगा कि – कृपया एक बार में एक ही लीटर पानी निकाले। सोचिए यदि ऐसा होगा तो क्या होगा?

खास यह रहा की इस प्रस्तुति के दौरान वहां लगभग डेढ़ सौ से ज्यादा दर्शकों ने इस प्रस्तुति को सराहा और साथ ही साथ यह शपथ ली कि
‘आज से हम सब शपथ लेते हैं कि हम लोग जल का दोहन नहीं करेंगे और दूसरों को भी नहीं करने देंगे।’

इस प्रस्तुति में सम्मलित कलाकारों में युवा रंगकर्मी – अभिषेक मिश्रा, आनंद प्रकाश शर्मा, एवं संजीव कुमार शामिल रहे। इस दौरान संस्था के सचिव युवा रंगनिर्दशक कृष्ण कुमार मौर्य ने वहां उपस्थित दर्शकों का धन्यवाद ज्ञापन किया और कहा

“जल बचाइए, जल, जल रहा है।”

इस बीच हम आपको बता दें कि यह कलाकार शहर में पूरे हफ्ते आम जनमानस को जागरूक करते नजर आएंगे।

पानी की आगामी स्थिति बहुत ही विकट रूप ले सकती है। और जैसा कि हम आपको पहले भी बता चुकें हैं कि NITI Aayog के एक अध्ययन के अनुसार, राजधानी नई दिल्ली और बेंगलुरु समेत 21 भारतीय शहर अगले साल तक भूजल की भयावह स्थिति का सामना कर सकतें हैं। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दो लाख भारतीय हर साल सुरक्षित पानी की आपूर्ति न होने की वजह से अपनी जान गँवा देते हैं। इसके साथ ही रिपोर्ट यह भी बताती है कि आने वाले सालों में करीब 60 करोड़ भारतीय पानी की समस्या से जूझ रहें होंगें।

तो जरा सोचिए और अब पानी का दुरूपयोग छोड़ उसके संरक्षण के प्रयास कीजिए। 

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