प्रयागराज के सुभाष चौराहे में हुआ मास्को शो “जल है तो कल है” का सफ़ल मंचन

  • by Staff@ TSD Network
  • August 31, 2019
प्रयागराज के सुभाष चौराहे में हुआ मास्को शो "जल है तो कल है" का सफ़ल मंचन

हाल ही में देश में हर तरह की मुद्दों पर बातचीत हो रही है। लेकिन शायद देश यह भूल सा रहा है कि पर्यावरण में तेज़ी से होते बदलाव भी देश ही नहीं दुनिया की एक बड़ी समस्या है। और पर्यावरण में इन्हीं नकारात्मक बदलावों का ही नतीजा है कि दुनिया भर में पेय योग्य जल का मानों अकाल सा शुरू हो गया है।

हाल ही में भारत के चेन्नई शहर में इसका व्यापक असर भी देखने को मिला और साथ ही ऐसा कहा जा रहा है कि देश के अन्य राज्यों और प्रमुख शहरों में आगामी वर्षों में पानी को लेकर भयावह स्थिति पैदा हो सकती है।

हालाँकि अब कई संस्थाएं लोगों को पानी के सदुपयोग की ओर जागरूक कर रहीं हैं। और इसी श्रृंखला में आज परमार्थ निकेतन (ऋषिकेश), नुक्कड़ नाट्य अभिनय संस्थान एवं जल शक्ति अभियान प्रयागराज के सौजन्य से प्रयागराज के सुभाष चौराहे पर संतोष कुमार गुप्ता लिखित एवं कृष्ण कुमार मौर्य द्वारा निर्देशित मास्को शो “जल है तो कल है” का सफ़ल मंचन किया गया।

इस प्रस्तुति में 2050 को लेकर भविष्य की एक तस्वीर दिखाई गई जहां वाटर एटीएम में कार्ड डालने से पानी मिलता है। और एक समय ऐसा भी आता है जब मशीन में भी पानी खत्म हो जाता है, और जीवन समाप्त होने की कगार पर जा सा जाता है।

इस दौरान विभिन्न स्कूलों से आए हुए लगभग 10000 से विद्यार्थियों ने मंचन को देखा और शपथ ली कि जल का दुरुपयोग नहीं करेंगे। बच्चे मंचन के दौरान “जल है तो कल है” का नारा भी दोहराते नज़र आए।

रैली में प्रयागराज के मुख्य विकास अधिकारीए, एडीएम नगर, डी.एफ़. ओ, नगर निगम से सुनील गुप्ता,  कार्यक्रम संयोजक डॉ. निरंजन सिंह आदि मौजूद रहे।

कलाकारों में संजीव कुमार, देवेंद्र राजभर, रोशनी मौर्या, अभिषेक मिश्रा, आनंद प्रकाश शर्मा आदि ने अपने अभिनय क्षमता से दर्शकों को जागरूक किया।

इस बीच हम आपको बता दें कि NITI Aayog के एक अध्ययन के अनुसार, राजधानी नई दिल्ली और बेंगलुरु समेत 21 भारतीय शहर अगले साल तक भूजल की भयावह स्थिति का सामना कर सकतें हैं। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दो लाख भारतीय हर साल सुरक्षित पानी की आपूर्ति न होने की वजह से अपनी जान गँवा देते हैं। इसके साथ ही रिपोर्ट यह भी बताती है कि आने वाले सालों में करीब 60 करोड़ भारतीय पानी की समस्या से जूझ रहें होंगें।

तो जरा सोचिए और अब पानी का दुरूपयोग छोड़ उसके संरक्षण के प्रयास कीजिए। 

धन्यवाद!

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