“प्रेमचन्द खबरों के कथाकार थे, जो समाज को ख़बरदार करती हैं” – डॉ. धनंजय चोपड़ा

  • by Staff@ TSD Network
  • August 3, 2019

प्रयागराज: प्रेमचन्द की कहानियां सोद्देश्यपूर्ण हैं, समाज की दशा से अवगत कराना एक उद्देश्य तो है परन्तु उससे ज्यादा महत्वपूर्ण है समूचे देश अलख जगाना। यकींन मानिए आज के बंटते समाज में जरूरी है कि जाना जाए हमारा इतिहास कुछ ऐसा रहा है जहाँ प्रेमचंद जैसे महान साहित्यकार ने ईदगाह जैसी रचना को जन्म दिया और जिसको धर्म से परे लोगों ने न सिर्फ़ पढ़ा, बल्कि जिन्होंने भी पढ़ा, उन्होंने जिया भी!

प्रेमचन्द ने कभी रचनाधर्मिता से समझौता नहीं किया और न किसी शर्त के अधीन हुए। और उनके इन्हीं मूल्यों को दर्शाते हुए प्रयागराज स्थित नुक्कड़ नाट्य अभिनय संस्थान द्वारा ‘‘प्रेमचन्द का साहित्य और आज का समाज’’ विषयक संगोष्ठी का कल विज्ञान परिषद् प्रयाग के सभागार में सफ़ल आयोजन किया गया।

संगोष्ठी को सम्बोधित करते लोक कलाविद् अतुल यदुवंशी ने कहा कि

“प्रेमचन्द को याद करना और उनकी कहानियों को पढते हुए लगता है कि जैसे कथाकार कोई भविष्यद्रष्टा हो।”

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध रंगकर्मी अजामिल ने कहा कि

“प्रेमचन्द संवेदनाओं के कथाकार हैं अगर उनको जानना है तो उनके कहानियों के साथ उनके खतों को भी पढिये।”

वहीँ इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मीडिया स्टडीज के समन्वयक डॉ. धनंजय चोपड़ा ने कहा,

“प्रेमचन्द खबरों के कथाकार थे जो समाज को खबरदार करती हैं।”

साथ ही सीएमपी डिग्री कालेज की हिन्दी विभागाध्यक्षा डा0 सरोज सिंह ने कहा कि

“प्रेमचन्द के उपन्यास और कहानियां मानव जीवन के चित्र हैं।”

युवा कवि डा0 श्लेष गौतम ने संगोष्ठी को कविताओं के माध्यम से सम्बोधित करते हुए कहा कि

“प्रेमचन्द आज भी अपनी रचनाधर्मिता से समाज में संस्कार रोप रहे हैं।”

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में निखिलेश मिश्र ने अपने बचपन को याद करते हुए प्रेमचन्द की रचनाओं से उनके पात्रों को जीवित व्यक्ति के रूप में आज भी समाज में समाज में मौजूद पाया। श्री निखिलेश मिश्र काशी विश्वनाथ मंदिर के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी हैं।

इस बीच कार्यक्रम का संचालन संतोष कुमार गुप्ता एवं धन्यवाद ज्ञापन संस्था के सचिव कृष्ण कुमार मौर्य ने किया। संस्था का परिचय नुक्कड़ नाट्य अभिनय संस्थान की कलाकार गौरिमा केसरवानी एवं साक्षी यादव ने किया। संगोष्ठी में मुख्य रूप से डा0 प्रवीण मिश्रा, पर्यावरणविद् मनोज उपाध्याय, संजय सिंह, जयंत घोष के अलावा संस्था के सभी कालाकार एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।

Facebook Comments
Staff@ TSD Network

Our hard-working staff writing team | You can reach us at 'contact@tsdnetwork.com'
  • facebook
  • twitter
  • linkedIn
  • instagram