अपने 2,400 कर्मचारियों को निकाल रहा है OYO

  • by Staff@ TSD Network
  • January 18, 2020
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OYO अक्सर ख़बरों में बना ही रहता है, हालाँकि कभी यह खबरें कंपनी के लिए अच्छी होती हैं तो कभी बुरी। लेकिन अब एक ऐसी खबर भी सामने आई है, जो भारत में कंपनी के कमर्चारियों के लिए चिंता का सबब बन सकती है।

दरसल कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक OYO भारत में जल्द ही लगभग 2,400 कर्मचारियों की छंटनी करता नज़र आ सकता है। आपको बता दें यह काफी बड़ी संख्या है, यह भारत में कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या का करीब 20% है।

जी हाँ! यह जानकारी कथित तौर पर खुद OYO के फाउंडर और सीईओ, रितेश अग्रवाल ने कर्मचारियों को इसी हफ़्ते भेजे के ई-मेल (e-Mail) के जरिये दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस हॉस्पिटैलिटी स्टार्टअप ने आने वाले महीनों में अपने री-स्ट्रक्चर संबंधी प्रयासों के तहत यह कदम उठाने का फ़ैसला किया है। इस होने जा रही छंटनी में कंपनी की कई बड़ी जॉब प्रोफाइल भी शामिल हो सकती हैं, जैसे ‘सिटी-हेड’ आदि।

ख़बरों की माने तो भारत और दक्षिण एशिया में OYO के कर्मचारियों को एक इंटरनल ई-मेल में कंपनी के फाउंडर और ग्रुप सीईओ सीईओ रितेश अग्रवाल ने कहा कि

“कुछ सहयोगियों को OYO के बाहर एक नए कैरियर की तलाश शुरू कर देनी चाहिए। यह निर्णय हमारे लिए भी आसान नहीं है।”

एक बार स्पष्ट कर दें कि इस ई-मेल ने उन्होनें कहीं भी निकाले जा रहे कर्मचारियों की संख्या का ख़ुलासा नहीं किया है। लेकिन सूत्रों के अनुसार यह संख्या 2,400 से अधिक हो सकती है। ऐसा इसलिए भी क्यूंकि अगर यह संख्या मामूली होती तो भला खुद रितेश अग्रवाल को इतने सारे कर्मचारियों को एक साथ Mail भेजने की क्या जरूरत थी?

आपको बता दें नई दिल्ली और जयपुर में कर्मचारियों को सोमवार को पर्सनल ई-मेल के माध्यम से इस छंटनी के बारे में सूचित किया गया है और साथ ही मंगलवार को गुरुग्राम में भी मौजूदा कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी गई है।

रितेश अग्रवाल ने कहा है;

“2020 के लिए कंपनी ने एक नया रणनीतिक प्लान बनाया है,जिसमें कंपनी में नेतृत्व टीम के साथ ही साथ बिज़नेस और ऑपरेशन टीम का भी पुनर्गठन किया जाएगा।”

आपको बता दें यह कदम कंपनी के ऑपरेशन को और अधिक ‘टेक्नोलॉजी आधारित’ बनाते हुए, मैन्युअल कार्य पर निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। जिसके चलते अधिकांश छंटनी बिक्री, आपूर्ति और संचालन विभागों में देखे जाने की संभावना है।

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oyo to fire 2,400 employees in india

इस बीच रितेश अग्रवाल ने आगे कहा;

“इस पुनर्गठन के चलते दुर्भाग्यपूर्ण रूप से OYO में जॉब रोल कम किये जायेगें क्योंकि कंपनी तकनीक आधारित प्रक्रियाओं को बढ़ा रही है, जिसके चलते कार्य दक्षता बढ़ सके और भौगोलिक चुनौतियों को कम करते हुए बिज़नेस को आगे बढ़ाया जा सके।”

“इसका साफ़ सा मलतब है कि हमारे कुछ सहयोगियों को OYO के बाहर अब नया कैरियर तलाशना पड़ेगा। यह हमारे लिए भी कोई आसान निर्णय नहीं है। मैं उन सभी प्रभावित होने वाले लोगों के प्रयासों के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं और इसके लिए उनसे माफी भी माँगना चाहता हूँ।”

इस बीच कंपनी सीईओ रितेश ने यह जरुर कहा कि OYO यह सुनिश्चित करेगा कि निकाले जा रहें कर्मचारियों को यथासंभव हर प्रकार की सहायता प्रदान की जाए।

आपको बता दें OYO को 2013 में रितेश अग्रवाल द्वारा शुरू किया गया था और वर्तमान में कंपनी 10 देशों के 500 से अधिक शहरों में संचालन का दावा करती है, जिसमें भारत, चीन, मलेशिया, नेपाल, यूके, जापान आदि शामिल हैं।

हालाँकि बीते कुछ समय में OYO काफी विवादों से भी घिरा रहा है। जहाँ एक तरह फर्म को पेमेंट और कॉन्ट्रैक्ट इत्यादि मुद्दों के चलते अपने होटल पार्टनर्स के भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल से अब तक 100 शहरों में करीब 500 होटलों ने OYO से नाता तोड़ लिया है। 

वहीँ हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जाहिर किया है कि OYO अपने निवेशकों को रिझाने के लिए अपने ऐप प्लेटफ़ॉर्म पर फ़ेंक होटल लिस्टिंग करता है। आपको बता दें न्यूयॉर्क टाइम्स के संवाददाताओं ने यह ख़ुलासा कथित रूप से OYO के कर्मचारियों से की गई पूछताछ के आधार पर किया था।

इस बीच कंपनी के लिए एक और बुरी खबर यह भी है कि एक अनुमान के मुताबिक 2022 तक OYO अपने दो सबसे बड़े बाजारों में लाभ नहीं कमा सकता है, क्योंकि इसकी घाटे में वृद्धि जारी है और कैलकुलेशन कहतीं हैं कि कंपनी के लिए आगामी कुछ सालों तक लाभ में आना मुश्किल हो सकता है।

वहीँ एक अन्य जानकारी में यह भी सामने आया है कि कंपनी ने मुंबई में लगभग 180 लोगों की सेल्स टीम से इस महीनें में भी लगभग 120 की छुट्टी कर दी है।

दरसल आपको बता दें OYO का घाटा हर साल बढ़ता जा रहा है और 2019 में यह नुकसान का आँकड़ा छह गुना बढ़कर 2,384 करोड़ रुपये तक बढ़ सकता है।

इतना जरुर है कि कंपनी की बढ़त के लिए इसके प्रमुख निवेशक Softbank को क्रेडिट देना चाहिए। Softbank अब तक कंपनी में कुल लगभग $1.5 बिलियन का निवेश करते हुए कंपनी की वैल्यूएशन को $10 बिलियन तक पहुँचा चुका है।

आपको बता दें कंपनी के निवेशकों में Airbnb, Sequoia Capital और Lightspeed Venture Partners जैसे नाम भी शामिल हैं।

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