2017 की MPSI भर्ती प्रक्रिया एक बार फ़िर PEB कैलेंडर से हटाई गई | रवीश कुमार के पत्र

  • by Staff@ TSD Network
  • August 25, 2019
ravish kumar the social digital

बीते 23 अगस्त को वरिष्ठ NDTV पत्रकार, रवीश कुमार ने हमेशा की तरह बेरोजगारी को लेकर देश के युवाओं की आपबीती को अपने फेसबुक पेज के जरिये साझा किया

दरसल अगर आप नहीं जानते तो हम आपको बता दें कि ऐसे वक़्त में जब अधिकांश मेंन स्ट्रीम मीडिया कई कारणों के चलते, युवाओं और देश की अन्य समस्याओं को भूल चुका है, ऐसे में सिस्टम की मार झेल रहे अधिकांश लोग NDTV के पत्रकार रवीश कुमार को पत्र लिखकर उनसे अपनी समस्या को देश पटल पर रखने का अनुरोध करते हैं

और यह देखा भी गया है कि अधिकतर रवीश ऐसे मुद्दों को अपनी पत्रकारिता और शो में जगह देते हैं, जिसके कई सकारात्मक नतीज़े भी निकल कर सामने आते हैं। तो ऐसे में हमनें कोशिश की है कि रवीश कुमार के इन पत्रों को अपने इस छोटे माध्यम के जरिये भी साझा कर, जितनी जिम्मेदारी निभा सकतें हैं, हम भी निभाएं।

इसी कोशिश में आज हमनें 2017 में आई मध्यप्रदेश सब इंस्पेक्टर की भर्ती को लेकर उनके द्वारा साझा किये गये पत्र को आप तक पहुँचाने के बारे में सोचा है। तो जरा आप भी देखें कि कैसे सरकार किसी की भी हो सिस्टम अपने सुस्त और लापरवाह रवैये को बदलने को तैयार ही नहीं है:

नमस्कार सर जी,
आप तक मेरा मैसेज पहुंचना ही मेरा सौभाग्य है ।

सर जी मै (म.प्र.) में पिछले 3 वर्षों से MPSI (मध्यप्रदेश सब इंस्पेक्टर) की तैयारी कर रहा हूं ,जो कि 2017 में आयी थी ।
उसके बाद से ही यह भर्ती PEB के कैलेंडर से लगातार डलती रही और हटती रही ।

अभी फिलहाल ही यह भर्ती 17 अगस्त को PEB के कैलेंडर में थी लेकिन फिर एक बार इसे हटा दिया गया है ।

ऐसे में अब हम हमारा धेर्य खोते जा रहे है है ।

चुनाव के समय यहां की सरकार किसानों का कर्ज माफ का वादा कर इतनी बुरी फसी हुई है कि वह ना तो कर्ज माफ कर पा रही है और नहीं दूसरे काम कर पा रही है ।

ऐसे में हमारी बात भी कोई सुनने वाले नहीं है एक आप ही सहारा है जो सरकार के कान में बात डाल कर उन्हें कुंभकर्णी नींद से जगाये व हमारे भविष्य की ओर ध्यान आकर्षित करवाएं ।
धन्यवाद…

निवेदक एवम् आपका शुभचिंतक

अज्ञात

तो अगर आपको भी देश की इन वास्तविक समस्याओं से सरोकार है, तो इसको शेयर करें ताकि सरकारें और जवाबदेह संस्थाओं तक इन युवाओं की आवाज़ पहुँच सके। क्यूंकि अगर आज आप दूसरे की तकलीफों और ऐसे देशव्यापी समस्या से आँख फेर लेंगें, तो कल को आपकी समस्या पर कहीं यह देश भी आँखें मूंदे न नज़र आने लगे?

धन्यवाद!

क्या है रवीश के पत्र:

सबसे पहले तो हम आपको बता दें कि हम रवीश कुमार या किसी भी अन्य व्यक्ति के भक्त नहीं? और न ही किसी सरकार के आलोचक हैं। हम सिर्फ़ आलोचक हैं देश के उस सिस्टम के जो वर्षों से न ही सुधर रहा हैं और न ही आजकल का मीडिया उन्हें उजागर कर सुधारने की कोशिशें करता नज़र आ रहा है। 

ऐसे में रवीश कुमार, जिन्हें लोग अपनी वास्तविक समस्याओं को उठाने वाली आवाज़ मानते हैं, और वह बख़ूबी यह प्रयास कर रहें हैं, तो इन्हीं कोशिशों में बस हम भी एक छोटा सा योगदान देना चाहते हैं। क्यूंकि यह ऐसी समस्याएं हैं, जो किसी एक की नहीं बल्कि देशव्यापी और लगभग हर प्रदेश की हैं।

तो हमें किसी का भक्त न समझे, बस सही मुद्दों पर साथ देने की कोशिश है, ताकि आपकी प्रमुख और अधिकांश रूप से व्याप्त परेशानियों को देश पटल पर रखा जा सके और जवाबदेह लोगों के कानों तक पहुँचाया जा सकें।

तो अगर आप भी अपनी ऐसी ही कोई समस्या साझा करना चाहतें हैं, तो हमें जरुर लिखें thesocialdigital@gmail.com पर!

सोर्स: Ravish Kumar (Official Facebook Page)

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