रेलवे ग्रुप डी की फ़ार्म संबंधी प्रक्रिया से परेशान छात्रों का सच | रवीश के पत्र

  • by Staff@ TSD Network
  • September 10, 2019
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आज वरिष्ठ NDTV पत्रकार, रवीश कुमार ने हमेशा की तरह बेरोजगारी को लेकर देश के युवाओं की आपबीती को अपने फेसबुक पेज के जरिये साझा किया। 

पिछले कई समय से रेलवे की ग्रुप डी की फॉर्म प्रर्किया को लेकर छात्रों द्वारा सवाल उठाए जा रहें हैं। इससे लगभग 4 लाख छात्रों के प्रभावित होने की बात कहीं जा रही है। इस बीच रेलवे विभाग की इसको लेकर अनदेखी इस कदर बढ़ गयी है, कि छात्र अब रवीश कुमार से ही उम्मीद लगाए बैठें हैं और यहाँ तक की छात्रों की मानसिक पीड़ा रवीश जी को मैसेज करते वक़्त यह तक झलकी कि कई ने आत्महत्या तक की बात कह डाली

हालाँकि हमारी उन सभी छात्रों से विनम्र निवेदन है कि हर समस्या का हल निकलता है। लेकिन किसी भी समस्या से परेशान होकर ज़िन्दगी दाव पर लगाने जैसा विचार कोई हल नहीं। ऐसे विचार मन में बिल्कुल न लाये और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज़ बुलंद करें। 

इस बीच देखिये स्वयं रवीश जी ने इस पर क्या कहा,

“फिर भी बचे रह गए कई छात्र रेलवे ग्रुप डी का फ़ार्म भरने से

रेल मंत्री जी,

रेलवे के ग्रुप डी परीक्षा के फ़ार्म भरने को लेकर छात्रों को मानसिक यंत्रणा से गुज़रना पड़ रहा है। रेलवे बोर्ड ने ज़रूर इस पर ध्यान दिया और कुछ लोगों को भरने की अनुमति मिल गई। इसके लिए बधाई मगर अभी कई छात्र इससे बाहर हैं। आख़िर फोटो वग़ैरह के कारण फ़ार्म को रद्द करने का क्या तुक है। अगर कोई तुक है तो आपको इन युवाओं को साफ साफ बता देना चाहिए। आप एक बार इनके मेसेज पढ़ लें। आपको ख़ुद दया आ जाएगी कि आख़िर कितनी मामूली बातों के लिए इन्हें रोना पड़ रहा है। ये सब आपकी पार्टी के घोर दीवाने भी हैं। इस नाते भी आपको विशेष ध्यान रखना चाहिए। परीक्षा देने का मौका सबको मिले। फ़ार्म की शर्तों के आधार पर रिजेक्ट करना सही नहीं है। एक बार आप खुद अपने स्तर पर देख लें। कहीं सिस्टम में तो कमीं नहीं है।

आशा है आप खुले मन से इन छात्रों के भविष्य पर विचार करेंगे और जल्द से जल्द मानसिक राहत देंगे। इन लोगों ने कई चैनलों से संपर्क किया ताकि वे आप तक अपनी बात पहुँचा सके। ट्विटर पर भी ट्रेंड करा लिया है मगर कोई कुछ बता नहीं रहा। मुझे मनीला से लिखना पड़ रहा है क्योंकि ये काफी परेशान हैं।

एक बार फिर से निवेदन है।

रवीश कुमार।”

क्या है रवीश के पत्र:

सबसे पहले तो हम आपको बता दें कि हम रवीश कुमार या किसी भी अन्य व्यक्ति के भक्त नहीं? और न ही किसी सरकार के आलोचक हैं। हम सिर्फ़ आलोचक हैं देश के उस सिस्टम के जो वर्षों से न ही सुधर रहा हैं और न ही आजकल का मीडिया उन्हें उजागर कर सुधारने की कोशिशें करता नज़र आ रहा है। 

ऐसे में रवीश कुमार, जिन्हें लोग अपनी वास्तविक समस्याओं को उठाने वाली आवाज़ मानते हैं, और वह बख़ूबी यह प्रयास कर रहें हैं, तो इन्हीं कोशिशों में बस हम भी एक छोटा सा योगदान देना चाहते हैं। क्यूंकि यह ऐसी समस्याएं हैं, जो किसी एक की नहीं बल्कि देशव्यापी और लगभग हर प्रदेश की हैं।

तो हमें किसी का भक्त न समझे, बस सही मुद्दों पर साथ देने की कोशिश है, ताकि आपकी प्रमुख और अधिकांश रूप से व्याप्त परेशानियों को देश पटल पर रखा जा सके और जवाबदेह लोगों के कानों तक पहुँचाया जा सकें।

तो अगर आप भी अपनी ऐसी ही कोई समस्या साझा करना चाहतें हैं, तो हमें जरुर लिखें thesocialdigital@gmail.com पर!

सोर्स: Ravish Kumar (Official Facebook Page)

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