प्रयागराज के युवा रंगकर्मी “सिद्धार्थ पाल” का राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (त्रिपुरा) में हुआ चयन

  • by Staff@ TSD Network
  • August 4, 2019
nsd

कहतें हैं कि प्रयागराज की धरती हमेशा से ही कलाकारों और साहित्यकारों के संघर्षों और प्रयासों से लेकर उनकी सफ़लता तक की गवाह रही है। और आज भी इसकी सूची मानों बढ़ती ही जा रही है।

इसी सूची में अब एक नया नाम दर्ज हुआ है, प्रयागराज के ‘सिद्धार्थ पाल’ का। जी हाँ! वर्ष 2009 से रंगकर्म क्षेत्र में अपनी शुरुआत करने वाले सिद्धार्थ ने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की त्रिपुरा शाखा में प्रवेश हासिल करने में सफ़लता प्राप्त की है।

इस पर प्रयागराज स्थित नुक्कड़ नाट्य अभिनय संस्थान के निर्देशक एवं सचिव, कृष्ण कुमार मौर्य ने सिद्धार्थ को बधाई देते हुए कहा,

“रंगकर्म जगत में कदम रखने वाले हर व्यक्ति का यह एक सपना जरुर होता है कि वह राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) का विद्यार्थी बन सके। और सिद्धार्थ अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के कारण इस सपने को हक़ीकत का रूप देने में कामयाब रहे। नुक्कड़ नाट्य अभिनय संस्थान की ओर से उन्हें ढ़ेरों शुमकामनाएं!”

इस बीच संस्थान में प्रवेश हासिल करने के साथ सिद्धार्थ अब यहाँ थिएटर इन एजुकेशन विषय के अंतर्गत बच्चों व युवा दर्शकों के लिया रंगमंच का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगें।

nsd

नाटक – नुगरा का तमाशा | निर्देशक – प्रवीण शेखर | प्रस्तुति – बैकस्टेज

सिद्धार्थ ने अपने रंगमंच की शुरुआत 2009 में वरिष्ठ अभिनेत्री एवं रंगनिर्देशिका अनीता गुप्ता के साथ नाटक रामलीला से की थी। जिसके बाद उनका इस क्षेत्र में सफ़र निरंतर बढ़ता रहा। इस सफ़र के दौरान सिद्धार्थ को राजेंद्र पांचाल, आसिफ अली, टीकम जोशी और तुषार पांडे जैसे राष्ट्रीय स्तर के रंगकर्मियों से इस क्षेत्र की बारीकियों को जानने का अवसर भी प्राप्त हुआ।

नाटक – मायाजाल | निर्देशक – प्रवीण शेखर | प्रस्तुति – बैकस्टेज

इस दौरान सिद्धार्थ ने बौड़म, दि चीफ, फुटपाथ का सम्राट, द फैक्ट्री जैसे कई बेहतरीन नाटकों का निर्देशन भी बख़ूबी किया। और इन नाटकों में उनकी एक प्रयोगधर्मी निर्देशक की खूबी साफ़ नज़र आई।

नाटक – बौड़म | निर्देशक – सिद्धार्थ पाल | प्रस्तुति – प्रतिबिम्ब

प्रयागराज के मध्यम वर्गीय परिवार में जन्में सिद्धार्थ की माँ रितु पाल जी गृहणी हैं और वहीँ पिता श्री ब्रजलाल जी ए.जी. ऑफिस में कार्यरत हैं।

इस बीच अपने इस चयन से बेहद उत्साही सिद्धार्थ अपनी इस सफ़लता का श्रेय अपने माता-पिता और अपने रंगकर्म के साथियों – दीपक कुमार, सतीश तिवारी, नीरज उपाध्याय, संदीप यादव, अनुज कुमार, भास्कर शर्मा व अन्य को देते हैं।

इस बीच The Social Digital परिवार की ओर से भी सिद्धार्थ को उनकी इस सफ़लता के लिए ढेरों बधाई! और इस फ्रेंडशिप डे के अवसर पर हम यह कामना करते हैं कि सफ़लता के साथ सिद्धार्थ की दोस्ती कुछ यूँ ही बनी रहे।

 

Facebook Comments
Staff@ TSD Network

Our hard-working staff writing team | You can reach us at 'contact@tsdnetwork.com'
  • facebook
  • twitter
  • linkedIn
  • instagram