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देश में चार्जिंग स्टेशनों के इन्फ्रास्ट्रक्चर में कमी बन रही है Toyota के EV लॉन्च में देरी की वजह

  • by Ashutosh Singh
  • September 26, 2019

एक ओर जहाँ देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के वादे और बातें हो रहीं हैं, वहीँ दूसरी हकीकत यह भी है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के आगमन के लिए सबसे जरूरी चीज़ यानि चार्जिंग स्टेशनों के बुनियादी ढांचे को अभी तक देश हासिल नहीं कर पाया है।

आप इसको सरकार और ज़िम्मेदार संस्थाओं का काफी रवैया कह सकतें हैं। दरसल हो यह रहा है कि नई तकनीक को लेकर बातें तो काफी बड़ी बड़ी हो रहीं हैं और कागज़ी वादों का पुलिंदा भी काफ़ी तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन जमीनी हक़ीकत कुछ और है।

इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन में सबसे आवश्यक चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण और उसके इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर सरकार और संस्थाओं ने तक तक कोई पुख्ता रोडमैप पेश नहीं किया है। दरसल इसक कंपनी ने चलते कई बड़ी कंपनियां अभी भी देश का रुख नहीं कर रहीं हैं।

इन्हीं कंपनियों में नाम जुड़ गया है Toyota क़ा भी। Toyota भारतीय बाजार के लिए इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों के निर्माण पर फ़िलहाल रोक लगाने पर विचार कर रहा है।

हिंदू बिजनेस लाइन की एक रिपोर्ट के अनुसार, अपर्याप्त चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच देश में इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल, Toyota Kirloskar के लॉन्च करने में देरी हो सकती है। इसके पहले कंपनी इसको पिछले ही साल लॉन्च करने का मन बना रही थी।

इस बीच Toyota ने भारतीय बाजार से Internal Combustion Engines द्वारा संचालित वाहनों को वापस लेने की किसी भी योजना को खारिज कर दिया है। जो स्वाभाविक तौर पर होना ही था, क्यूंकि अगर कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों को पेश नहीं कर सकती तो अपने पारंपरिक वाहनों के जरिये ही बाज़ार में बने रहना चाहेगी।

दरसल 2017 में Toyota ने कहा कि जापानी ऑटो कंपनी Suzuki के साथ मिलकर 2020 तक कंपनी भारतीय बाजार में सस्ती इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड छोटी कारों को लॉन्च कर देगी।

Toyota ने 2020 तक भारत और चीन जैसे उभरते बाजारों में 10 से अधिक ईवी मॉडल लॉन्च करने का ऐलान किया था। कंपनी ने तब कहा था कि वह 5.5 मिलियन से अधिक इलेक्ट्रिक बेचेगी जिसमें शून्य कार्बन उत्सर्जन वाहन, बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (BEVs) और ईंधन सेल इलेक्ट्रिक वाहन (FCEVs) शामिल होंगें।

हालाँकि अब मौजूदा आर्थिक स्थिति की खस्ता हालत और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी के चलते अब कंपनी अपने शब्दों पर लड़खड़ाने लगी है।

Toyota ने साफ़ तौर से कहा है कि

“जब तक जगह-जगह में एक मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं होगा, तब तक भारत में ईवी को लॉन्च करना मुश्किल है। हालाँकि कम दूरी के आवागमन के लिए EVs फ़िलहाल बेहद सफल विकल्प हो सकता है।”

आर्थिक मंदी की हालत यह है कि बेंगलुरु के पास बिदादी में Toyota का दूसरा संयंत्रलगभग 40% क्षमता पर चल रहा है। मंदी ने भारत के ऑटो क्षेत्र को बुरी तरीके से प्रभावित किया है।

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Serial Digital Entrepreneur | Digital Marketing Consultant | E.V. Consultant | Contact at 'amicableashutosh@gmail.com'
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